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सोमवार, अप्रैल 13
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iGaming कंपनियों को ब्रांडिंग में नकल से बचने की सलाह, प्रदर्शन पर पड़ सकता है बुरा असर

iGaming कंपनी ‘वेलोरा’ के सीईओ ग्रिहोरी शेलेस्ट ने चेतावनी दी है कि iGaming क्षेत्र में ब्रांडिंग ट्रेंड्स की नकल करना कंपनी के प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाता है। उनका तर्क है कि दृश्य नकल (visual imitation) से कन्वर्जन मेट्रिक्स कमजोर होते हैं और खिलाड़ियों का भरोसा भी कम हो जाता है।

लिंक्डइन पर अपने विचार साझा करते हुए शेलेस्ट ने बताया कि कैसे डिजाइन के बदलते दौर—मिनिमलिज्म से लेकर नियॉन, कार्टून मैस्कॉट्स और साइबरपंक तक—ने कैसीनो की ब्रांडिंग को प्रभावित किया है। इसके चलते बाजार में एक जैसे दिखने वाले प्रोडक्ट्स की भरमार हो गई है।

शेलेस्ट के अनुसार, “iGaming में डिजाइन ट्रेंड्स बहुत तेजी से बदलते हैं। पहले यह मिनिमलिज्म था, फिर नियॉन आया, उसके बाद कार्टून मैस्कॉट्स और साइबरपंक का दौर रहा, और अब फिर से मिनिमलिज्म का चलन दिख रहा है। जब कोई टीम नया कैसीनो लॉन्च करती है या उसे रीडिजाइन करती है, तो वे अन्य कैसीनो या गेमिंग इंडस्ट्री से ब्रांडिंग और विजुअल कॉन्सेप्ट्स की नकल करते हैं। यह देखने में सुरक्षित लगता है, लेकिन यह एक गंभीर समस्या पैदा करता है।”

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उन्होंने आगे कहा, “कॉपी किया गया डिजाइन कभी ब्रांड नहीं बनाता, बल्कि यह गुमनामी पैदा करता है। जब आप किसी और की शैली अपनाते हैं, तो खिलाड़ी आपके प्रोडक्ट को याद नहीं रख पाते। आपका कैसीनो दर्जनों अन्य कैसीनो जैसा दिखने लगता है, जिससे यूजर इंटरफेस (UI) के निर्णय कन्वर्जन के बजाय विजुअल्स पर आधारित हो जाते हैं। इससे ‘Reg2Dep’ (पंजीकरण से जमा राशि) और विश्वास पर बुरा असर पड़ता है, भले ही इंटरफेस देखने में अच्छा लगे।”

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शेलेस्ट ने समझाया कि गेमिंग इंडस्ट्री की शैलियां (जैसे साइबरपंक) वातावरण और लंबे समय तक खेलने के लिए बनाई जाती हैं, न कि त्वरित निर्णय, विश्वास और जमा राशि (deposits) के लिए। गेमिंग में जो प्रभावी होता है, वह अक्सर जुए के क्षेत्र में यूजर एक्सपीरियंस (UX) और इकोनॉमिक्स को नुकसान पहुंचाता है। इसका परिणाम सुंदर स्क्रीनशॉट तो हो सकते हैं, लेकिन मेट्रिक्स कमजोर रहते हैं।

शेलेस्ट का सुझाव है कि ऑपरेटरों को बाहरी ट्रेंड्स की नकल करने के बजाय अनुसंधान-आधारित ब्रांडिंग या अपने स्वयं के प्रोडक्ट लॉजिक के अनुरूप सरल और प्रामाणिक डिजाइन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने दो प्रभावी विकल्प सुझाए:

  1. पहला, लंबा लेकिन सही रास्ता: अपने दर्शकों और बाजार पर शोध करें, फोकस ग्रुप और व्यवहारिक डेटा का उपयोग करें। ब्रांडिंग को वास्तविक उपयोगकर्ता अपेक्षाओं और कस्टमर जर्नी मैप (CJM) के आधार पर तैयार करें, न कि ट्रेंड्स के आधार पर।
  2. दूसरा, सीमित बजट होने पर: कुछ सरल लेकिन प्रामाणिक बनाएं। डिजाइन को अपने मूल्यों और पोजीशनिंग के साथ जोड़ें, उसे लॉन्च करें, और सीधे खिलाड़ियों से फीडबैक लें।
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शेलेस्ट के अनुसार, “iGaming में ब्रांडिंग केवल सजावट नहीं है। यह आपके कन्वर्जन, विश्वास और लंबी अवधि की अर्थव्यवस्था का हिस्सा है। नकल करना आसान है, लेकिन अपनी खुद की पहचान बनाना कठिन है—मगर असल में यही काम करता है।”


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