रियल मैड्रिड के लिए कठिन दौर: खराब प्रदर्शन और आंतरिक कलह से जूझ रहा क्लब
इस सच्चाई से इनकार नहीं किया जा सकता कि रियल मैड्रिड (Real Madrid) 2025/26 के सीजन में बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। यह सत्र टीम में निरंतरता की कमी, आपसी खींचतान और सीजन के निर्णायक चरण में गिरते प्रदर्शन के स्तर के लिए जाना जाएगा।
जो अभियान कभी एक मजबूत ढांचे और लय पर आधारित लग रहा था, वह धीरे-धीरे बिखर गया है। ज़ाबी अलोंसो (Xabi Alonso) के मार्गदर्शन में टीम के खेल में स्पष्टता और संतुलन नजर आता था। हालांकि, जैसे-जैसे नतीजे खराब हुए और ड्रेसिंग रूम के अंदर तनाव बढ़ा, टीम की वह नींव कमजोर पड़ गई।
अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि रियल मैड्रिड को कैंप नोउ में बार्सिलोना के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने के अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
बदलाव की शुरुआत अलोंसो के कार्यकाल के दौरान हुई थी, जिसमें विनिसियस जूनियर (Vinícius Junior) से जुड़ी आपसी असहमति ने ड्रेसिंग रूम के माहौल को बिगाड़ दिया। बेहतर नतीजों के बावजूद, यह दरार निर्णायक साबित हुई और आखिरकार उनके क्लब छोड़ने का कारण बनी।
उनके उत्तराधिकारी अल्वारो अर्बेलोआ (Alvaro Arbeloa) ने टीम के प्रभावशाली खिलाड़ियों के साथ तालमेल बिठाकर काम करने का अलग रास्ता चुना है। हालांकि इस दृष्टिकोण से आंतरिक रिश्ते स्थिर हुए हैं,
लेकिन यह रणनीति मैदान पर नियंत्रण नहीं ला सकी है, जिसके कारण टीम का प्रदर्शन अभी भी अस्थिर और कमजोर बना हुआ है।
दोनों मैनेजरों के कार्यकाल की तुलना स्थिति को स्पष्ट करती है: अलोंसो ने 23 मैचों में 16 जीत, 3 ड्रॉ और 4 हार के साथ 51 अंक हासिल किए, जिसमें टीम ने 47 गोल किए और 23 गोल खाए।
वहीं, अर्बेलोआ ने 23 मैचों में 14 जीत, 2 ड्रॉ और 7 हार दर्ज की हैं, जिससे टीम के खाते में 44 अंक हैं। उनके कार्यकाल में 49 गोल हुए और 30 गोल टीम ने खाए।
अलोंसो के मुकाबले अर्बेलोआ सात अंक पीछे हैं। हालांकि हमले की क्षमता में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन रक्षात्मक प्रदर्शन में गिरावट काफी बड़ी है। अलोंसो के समय प्रति मैच एक गोल खा रही टीम, अर्बेलोआ के कार्यकाल में 1.3 गोल प्रति मैच खा रही है।

