2026 वर्ल्ड कप में फ्रांस के लिए आक्रमण और बचाव में संतुलन बनाना बड़ी चुनौती: विलियम गैलास
फ्रांस के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विलियम गैलास ने कोच डिडिएर डेशम्प्स को चेतावनी दी है कि 2026 वर्ल्ड कप से पहले आक्रामक प्रतिभाओं से भरी टीम को संतुलित करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
गैलास ने हाल ही में अपनी ड्रीम 5-ए-साइड टीम में जिनेदिन जिदान और क्लाउड मेकलेल जैसे दिग्गजों को शामिल किया था। उनका मानना है कि वर्तमान फ्रांसीसी टीम में विडंबना यह है कि इसमें उन दिग्गजों जैसी रक्षात्मक अनुशासन की कमी है।
किलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले, माइकल ओलिसे और रयान चेरकी जैसे खिलाड़ियों के विकल्पों पर चर्चा करते हुए गैलास ने चिंता जताई कि पूरी तरह से आक्रमण पर जोर देने से ‘लेस ब्लूज’ (फ्रांसीसी टीम) बड़ी टीमों के सामने कमजोर पड़ सकती है।
गैलास ने भविष्यवाणी करते हुए कहा, “उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलिसे तो खेलेंगे, लेकिन मुझे लगता है कि रयान चेरकी बेंच पर रहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “उन सभी को एक साथ मैदान पर उतारना मुश्किल होगा। किलियन एम्बाप्पे स्ट्राइकर के रूप में खेलेंगे, लेकिन टीम एक इकाई के रूप में कितनी अच्छी तरह बचाव करेगी, इसे लेकर मैं चिंतित हूं।”
पूर्व डिफेंडर ने कहा कि हालांकि ‘फ्रंट फोर’ (चार आक्रामक खिलाड़ी) वाली रणनीति कमजोर टीमों के खिलाफ प्रभावी हो सकती है, लेकिन बड़े मैचों में यह एक बड़ा रणनीतिक जोखिम पैदा करती है।
गैलास ने टिप्पणी की कि इनमें से ज्यादातर खिलाड़ी खेल के रक्षात्मक पक्ष में बहुत कुशल नहीं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि डेशम्प्स को कलात्मक खेल (flair) के लिए रक्षात्मक ढांचे का त्याग करने से पहले दो बार सोचना होगा।

