विश्व कप के शुरुआती मैच में ड्रॉ के बाद पुर्तगाल और रोनाल्डो पर उठ रहे सवालों पर टीम ने साधी चुप्पी
पुर्तगाल ने विश्व कप के अपने शुरुआती मैच में डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद टीम और कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो की बढ़ती आलोचनाओं को दरकिनार करना शुरू कर दिया है।
डिफेंडर रुबेन डायस ने कहा कि टीम बाहरी शोर को कोई महत्व नहीं दे रही है। इस मैच में पुर्तगाल ने 740 पास के साथ गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन इसके बावजूद वे पूरे खेल में सिर्फ एक शॉट ही टारगेट पर लगा सके।
डीआर कांगो की टीम, जो 52 वर्षों में पहली बार विश्व कप खेल रही है, ने अनुशासित रक्षात्मक खेल दिखाते हुए पूरे मैच में पुर्तगाल को परेशान रखा।
खासकर रोनाल्डो की काफी आलोचना हो रही है, क्योंकि प्रमुख टूर्नामेंटों में उनका गोल न कर पाने का सिलसिला 10 मैचों तक पहुंच गया है, जबकि वह इस प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं।
हालांकि, डायस ने जोर देकर कहा कि टीम बाहरी आलोचनाओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा, “आलोचना हमारे लिए कोई मायने नहीं रखती, यह सिर्फ शोर है और प्रतियोगिता का एक हिस्सा है। यह सब शोर ही है।”
डायस ने आगे कहा, “ऐसा तब हमेशा होता है जब कोई मैच उम्मीद के मुताबिक नहीं जाता। हम अनावश्यक आलोचनाओं से खुद को दूर रख रहे हैं।”
फ्रांस के पूर्व स्ट्राइकर थिएरी हेनरी ने भी अपने विश्लेषण में रोनाल्डो के निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल उठाए और सुझाव दिया कि फॉरवर्ड खिलाड़ी टीम के खेल से ऊपर व्यक्तिगत गोल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हालांकि, डायस ने दबाव में अपने कप्तान के अनुभव और मानसिकता का बचाव किया।
उन्होंने कहा, “क्रिस्टियानो निश्चित रूप से क्लब, राष्ट्रीय टीम, विश्व टूर्नामेंट और यूरोपीय प्रतियोगिताओं में मीडिया के दबाव को संभालने के आदी हैं।”

