गैरेथ बेल का मानना, आधुनिक फुटबॉल हुआ अधिक नियंत्रित और रणनीतिक
रियल मैड्रिड और टोटेनहम के पूर्व विंगर गैरेथ बेल का मानना है कि आधुनिक फुटबॉल अब पहले के मुकाबले काफी अधिक रणनीतिक और नियंत्रित खेल बन गया है। उनका कहना है कि इस बदलाव के कारण शुरुआती दौर की तुलना में आज के दौर के आक्रामक खिलाड़ियों की आजादी कम हो गई है।
बेल के अनुसार, फुटबॉल अब पहले जैसा खुला खेल नहीं रहा। उन्होंने कहा, “फुटबॉल अब बास्केटबॉल की तरह एंड-टू-एंड खेल नहीं रह गया है। यह अब बास्केटबॉल की तुलना में शतरंज के खेल जैसा अधिक लगता है।”
उनका यह मानना है कि आधुनिक रणनीतिक संरचनाओं ने खिलाड़ियों की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को सीमित कर दिया है। बेल ने कहा, “आप मैदान पर पहले जैसा ड्रिबलिंग नहीं देखते और खिलाड़ी भी ऐसा कम ही कर रहे हैं। शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि कोच उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं, लेकिन फिर भी कुछ ऐसे चुनिंदा खिलाड़ी हैं जो अपनी कला से दर्शकों को उत्साहित कर देते हैं।”
इस संबंध में बेल ने किलियन एम्बाप्पे, लैमिन यमाल और विनिसियस जूनियर का उदाहरण दिया, जो आज के दौर के ऐसे आक्रामक खिलाड़ी हैं जो प्रशंसकों का दिल जीतते हैं।
फुटबॉल जगत में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने रियल मैड्रिड के आंतरिक वातावरण पर भी टिप्पणी की। उन्होंने टीम में हालिया अस्थिरता की ओर इशारा करते हुए कहा, “मैड्रिड में स्थिति थोड़ी बिखरी हुई नजर आ रही है।” उन्होंने ड्रेसिंग रूम में तनाव और क्लब पर भारी दबाव का भी जिक्र किया।
बेल ने जोस मोरिन्हो और कार्लो एंसेलोटी जैसे अनुभवी प्रबंधकों की सराहना की, जिन्हें वे एलीट टीमों को संभालने के लिए प्रमुख व्यक्ति मानते हैं। उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “मैड्रिड जैसे बड़े क्लब में आपको वास्तव में कोचिंग की उतनी जरूरत नहीं होती, जितनी कि खिलाड़ियों के अहम (इगो) को संभालने की होती है।”

