गोलकीपर की भूमिका में आए बदलाव पर बोले पीटर चेक, आधुनिक फुटबॉल में अब पोजेशन पर जोर
चेल्सी और आर्सेनल के पूर्व स्टार खिलाड़ी पीटर चेक ने बताया है कि किस तरह उनके करियर के दौरान गोलकीपर की भूमिका पूरी तरह बदल गई है। आधुनिक फुटबॉल में अब गोलकीपरों से यह उम्मीद की जाती है कि वे गेंद को अपने पास रखने और टीम के साथ मिलकर खेल को आगे बढ़ाने में कुशल हों।
साल 1998 में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत करने वाले चेक ने कहा कि उन्होंने दो दशकों से अधिक के खेल जीवन में गोलकीपरों से जुड़ी अपेक्षाओं में आए इस बड़े बदलाव को अपनी आंखों से देखा है। आज की एलीट टीमें चाहती हैं कि गोलकीपर डिफेंस से ही हमले की शुरुआत करें। मिकेल आर्टेटा और पेप गार्डियोला जैसे कोचों ने इस शैली को काफी लोकप्रिय बनाया है।
अपने खेलने के दिनों में कभी-कभी अपनी ‘डिस्ट्रिब्यूशन’ (गेंद पास करने की क्षमता) के लिए आलोचना झेलने वाले चेक का कहना है कि वे आधुनिक शैली के साथ ढलने में हमेशा सहज थे। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह तरीका तभी काम करता है जब टीम के बाकी साथी खिलाड़ी इसे सही तरीके से सपोर्ट करें।
चेक ने कहा, “अगर आप डिफेंस से खेल बनाना चाहते हैं, तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि टीम आपस में कितना तालमेल बिठाती है। आपको पता होना चाहिए कि खाली जगह कहां है और आपके पास विकल्प क्या हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब यह सही ढंग से होता है, तो यह स्पष्ट रूप से बहुत मददगार होता है। आप मिकेल आर्टेटा या पेप गार्डियोला की टीमों में देख सकते हैं कि जो टीमें ‘बिल्ड-अप’ में अच्छी हैं, उनके गोलकीपरों के लिए काम आसान हो जाता है क्योंकि उनके पास विकल्प होते हैं। कई बार आप ऐसे गोलकीपरों को देखते हैं जो डिफेंस से खेलने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन उनके पास विकल्प सीमित होते हैं। ऐसे में गोलकीपर को खुद ही ड्रिबल करना पड़ता है और बॉक्स के अंदर ही समाधान खोजना पड़ता है, जिससे स्थिति जटिल हो जाती है।”
चेक ने स्पष्ट किया, “मैं इस तरह के खेल का प्रशंसक नहीं हूं क्योंकि दिन के अंत में डिफेंस से खेल बनाने का मकसद गोल के अवसर पैदा करना और जगह बनाना है, न कि खुद को दबाव में डालना। आप उन टीमों को देख सकते हैं जो इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करती हैं और वे इसे सही ढंग से नहीं कर पातीं। लेकिन मुझे कभी कोई परेशानी नहीं हुई। आपके पास जितनी ज्यादा गेंद होगी, उतना ही आप खेल का आनंद लेंगे। आप केवल दर्शक बने रहने के बजाय खेल में ज्यादा शामिल रहते हैं।”

